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5 Years of BJP/5 वर्ष भाजपा के

5 Years of BJP/5 वर्ष भाजपा के

चुनाव की घोषणा होते ही सारे राजनैतिक दल अपने मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिये विभिन्न तरह के वादे करते है उनमे से जो वादे पुरे हो जाते है वो वास्तविक वादे रहते है और जो पुरे नहीं हो पाते है उन्हें चुनावी जुमले कहा जाता है! हम किसी भी राजनैतिक दल के कार्यकाल की समीक्षा उन्ही के द्वारा कि गयी घोषणाओं पर या कहे चुनावी जुमलों पर कर सकते है, तो देखते है भाजपा सरकार का कार्यकाल कैसा रहा ।

सांस्कृतिक धरोहार :‌- भाजपा ने अपने घोषणा पत्र 2014 में कई सांस्कृतिक धरोहरों पर कार्य करने का जिक्र किया था, जिनमें से कुछ वादे कुछ हद तक पुरे होते नजर आ रहे तो कुछ जुमले बन गये है ।

  1. गंगा नदी प्रदूषण के लिये रोकथाम :- सरकार ने अपनी इस घोषणा को प्राथमिकता पर रखते हुये कई ठोस कदम उठाये उसमें से प्रमुख रुप से उन्होने ‘नमामि गंगे’ नामक योजना शुरु की थी, जिसका बजट 2015-16 में केंद्र से 2100 करोड़ रुपये मंजुर किया था। सरकारी सर्वेक्षणों की माने तो काफी हद तक इस दिशा में सफल कार्य किये गये है जिसके नतिजे स्वरुप गंगा नदी के किनारे बसे 4465 गावों के किनारों को खुले में मल त्याग मुक्त घोषित किया गया है। इसके अतिरिक्त नदी के किनारों को ठोस अपशिष्ट से नियमित रुप से सफायी के कार्य किये जा रहे है और जल संसाधन ,नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्री श्री नितिन गडकरी जी का कहना है कि मार्च 2019 तक गंगा नदी का संपुर्ण रुप से स्वच्छ और पीने योग्य हो जायेगा ।
  2. राम मंदिर और राम सेतु :- सन 1993 से चले आ रहे अयोध्या भूमि विवाद पर वर्तमान भाजपा अध्यक्ष ने मन की बात कार्यक्रम में कहा था कि हम अधिग्रहित भूमि को न्यास पीठ को देने की कोशिश कर रहे है। शायद विपक्ष के अड़चने पैदा करने के कारण वह भूमि विवाद अभी भी अधर में अटका हुआ है ।

शिक्षा के स्तर का विकास एंव रोजगार :- किसी भी देश के प्रगति के लिये उस देश का शिक्षित होना बहुत आवश्यक होता है इसलिये ही भाजपा सरकार के वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली जी ने 21 जुलाई 2014 को अपने बजट में सर्व शिक्षा अभियान 28,635 करोड़ रुपये और राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के लिए4,966 करोड़ रुपये आवंटित किये थे। रोजगार प्राप्त करने के लिए आपके पास उस रोजगार को करने का कौशल भी होना भी आवश्यक होता है तो उसके लिए भाजपा सरकार के माननिय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने 15 जुलाई 2015 को ‘कौशल भारत’ योजना का शुभारंभ किया गया था , जिसमें नवजवानों के कौशल को निखारा जाता है तथा उनके उद्यम को बड़ाने के लिए उन्हें लोन भी दिया गया है। इस योजना से रोजगार दर में 4.9% दर की वृध्दि हो रही है।

नोटबन्दी :- नोटबन्दी से आशय है कि किसी मुद्रा से उसका कानुनी दर्जा निकाल लिया जाता है ऐसा सिक्कों पर भी लागू किया जा सकता है। वैसे तो भारत में कई बार नोटबंदी हुई थी पर सबसे ज्यादा प्रसिध्द नोटबन्दी 8 नवम्बर 2016 को हुयी थी, जिसमें 500 और 1000 रुपये के नोटों का कानूनी दर्जा छिन लिया गया था। इस नोटबंदी का मुख्य उद्देश्य तो चलन में चल रहे नकली नोटों को हटाना और छुपे हुये काले धन को बाहर लाना था । यह नोटबंदी अपने मुख्य उद्देश्य में काफी हद तक सफल रही थी एसा सरकार का दावा था परंतु इससे हमारी जी.डी.पी. दर में 2% तक की कमी हो गयी थी। देश की आर्थिक वृद्धि जो पहले कि छह तिमाही 8 % तक थी वह नोटबंदी के कारण बाद की सात तिमाही आर्थिक दर घटकर 6.8% तक आ गयी थी तथा कई अर्थशास्त्रीयों ने इस फैसले की आलोचना की थी और हाल ही में पुर्व मुख्य चुनाव आयुक्त रहे ओ.पी. रावत ने कहा था कि इस नोटबन्दी का कालेधन पर कोई असार नहीं असर पड़ा था तथा इसी तरह का नकारात्मक बयान पुर्व आर.बी.आइ. गवर्नर रघुराम राजन ने भी दिया था ।

इसके अतिरिक्त मिडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ था कि किस प्रकार देश के आम नागरिकों को घण्टों लाईन में खड़ा हो कर अपने पुराने नोटों को बदलने में परेशानियों का सामना करना पड़ा था इसके साथ ही मिडिया के माध्यम से ज्ञात हुआ था कि जहाँ दावा किया था सरकार ने की किसानों की आय दोगुनी हो जायेगी वही हकिकत में नोटबन्दी के एक वर्ष बाद भी कई किसानों ने आत्म हत्या कर ली थी ।

जी.एस.टी.:- भारत में जी.एस.टी. के लागु होने से पहले तक देश में करीब 20 तरह के अलग अलग टैक्स वसुले जाते थे परन्तु इसके आ जाने के बाद से सिर्फ यहीं जी.एस.टी. नामक टैक्स लागु हो गया था। पहले सर्विसेस के लिए 14 फिसदी दर दी जाती थी परन्तु गुड्स के लिए अलग अलग दर लागु थे जो इसके आने पर सब एक समान हो गये । इस टैक्स से फायदा सबसे ज्यादा आम जनता को हुआ क्योकि अब एक ही सामान का रेट देश के हर राज्य में एक समान होगा क्योकि पुरे देश में एक ही टैक्स दर लागु होगी। जी.एस.टी. भारत में 1 जुलाई 2016 को लागु कर दिया गया था, जिसमें सर्विसेस के 14% टैक्स दर को बड़ाकर 18% तक कर दिया गया है, जिससे भारत में महंगायी बड़ गयी है । इसके लागु होने से हमारी घरेलु हवायी यात्राओं पर जो टैक्स 6 % लगता था वह भी बड़कर 15%तक हो गया अर्थात हवायी यात्रा भी अत्याधिक महंगी हो गयी, आम आदमी को घर खरिदने से लेकर लोन लेने तक में काफी महंगायी का सामना करना पड़ा रहा है।

इसके अतिरिक्त और भी कई कार्यो एंव घटनाओं का श्रेय भाजपा सरकार को जाता है, उनमें से कुछ घटनाओं को नहीं होना चाहिये था तो कुछ कार्य ऐसे है जो देश के हित में बहुत सफल तरह से क्रियांवित हुये है। अब चुनाव होने वाले है तो देखते है कि चुनाव में मतदाता अपनी इस सरकार से खुश होकर पुनः सत्तापक्ष में लाता है या नाराज हो कर भाजपा को लोकतंत्र से मिले विशेष अधिकार से सत्ता से दुर कर देगी ।

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